सामाजिक योगदान के लिए संस्थान के सदस्य बने
श्री भट्ट ब्राह्मण समाज विकास समिति, (रजि.)



पंजीयन संख्या :-COOP/2024/जयपुर/500189
संस्था गठन का औचित्य
समस्याविहीन समाज की कल्पना करना लगभग असंभव प्रतीत होता है। किसी भी समाज अथवा व्यक्ति के उत्थान एवं विकास के दो प्रमुख आधार हैं— प्रथम, शिक्षा तथा द्वितीय, आर्थिक सशक्तिकरण।
यदि हम ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य में समाजों की प्रगति का अध्ययन करें, तो यह स्पष्ट होता है कि विकसित एवं समृद्ध सभ्यताएँ इन्हीं दो स्तंभों के आधार पर आगे बढ़ी हैं। अपने समाज की वर्तमान स्थिति पर दृष्टि डालें तो यह तथ्य और भी स्पष्ट हो जाता है कि हमारे समाज के उत्थान और पतन— दोनों में शिक्षा तथा आर्थिक समृद्धि की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है।
वर्तमान समय में हमें अपनी पहचान बनाए रखने तथा समाज में सम्मान प्राप्त करने के लिए निरंतर संघर्ष करना पड़ रहा है। विशेष रूप से युवा पीढ़ी दिशाभ्रम की स्थिति में है और जातीय पहचान, सामाजिक प्रतिष्ठा तथा सम्मान जैसे प्रश्नों के बीच उलझी हुई है।
ऐसी परिस्थितियों में समाज की प्रतिष्ठा, पहचान एवं आत्मनिर्भरता को पुनः स्थापित करने के लिए आवश्यक है कि हम शिक्षा एवं आर्थिक सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दें। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए इस संस्था का गठन किया गया है।
संस्था का परिचय
उपरोक्त परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए राजस्थान के कुछ चिंतनशील एवं दूरदर्शी व्यक्तियों ने यह अनुभव किया कि समाज के सर्वांगीण विकास के लिए एक संगठित संस्था की आवश्यकता है।
इसी उद्देश्य से वर्ष 2018 में जयपुर में पहली बैठक आयोजित की गई, जिसमें समाज में शिक्षा एवं सशक्तिकरण के क्षेत्र में कार्य करने वाली एक स्वैच्छिक संस्था के गठन का निर्णय लिया गया। इस बैठक में श्री हरिलाल शर्मा जी को संस्था का प्रथम अध्यक्ष चुना गया।
आगामी बैठकों में संस्था के उद्देश्य, कार्यप्रणाली एवं स्वरूप पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया तथा संस्था का विधिवत पंजीकरण कराने का निर्णय लिया गया। यद्यपि कुछ कारणों से यह कार्य तत्काल संभव नहीं हो सका, फिर भी प्रयास एवं विचार-विमर्श निरंतर चलते रहे।
अंततः संस्था का दिनांक 10 सितम्बर 2024 को राजस्थान सोसायटीज़ रजिस्ट्रेशन अधिनियम, 1958 के अंतर्गत विधिवत पंजीकरण कराया गया। संस्था को पैन कार्ड प्राप्त हो चुका है, बैंक खाता संचालित है तथा आयकर अधिनियम की धारा 12A एवं 80G के अंतर्गत पंजीकरण की प्रक्रिया प्रगति पर है, जिससे भविष्य में दानदाताओं को आयकर में छूट का लाभ प्राप्त हो सकेगा। साथ ही, भविष्य में संस्था का ट्रस्ट अधिनियम के अंतर्गत भी पंजीकरण कराया जाएगा।
विज़न
एक ऐसे सशक्त, आत्मनिर्भर एवं संगठित समाज का निर्माण करना, जो अपने दीर्घकालिक हितों की रक्षा करने तथा सामाजिक, शैक्षिक एवं आर्थिक रूप से निरंतर प्रगति करने में सक्षम हो।
मिशन
समाज की क्षमताओं का विकास करना ताकि प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन स्तर में सुधार लाने के लिए सामाजिक एवं आर्थिक गतिविधियों को प्रारम्भ कर सके तथा उन्हें निरंतर सुदृढ़ बना सके।
लक्ष्य
मानवीय मूल्यों एवं नैतिक भावनाओं का संरक्षण एवं संवर्धन करना।
मानवीय गुणों एवं व्यक्तित्व का विकास करना।
शिक्षा, कौशल एवं आर्थिक सशक्तिकरण के माध्यम से समाज को आत्मनिर्भर बनाना।
सामाजिक एकता, सहयोग एवं पारस्परिक विश्वास को बढ़ावा देना।
समाज के सर्वांगीण एवं सतत विकास के लिए कार्य करना।
सदस्यता के लिए योग्यता
संस्था की सदस्यता के लिए कोई भी वयस्क व्यक्ति पात्र होगा, जिसने संस्था के उद्देश्यों के प्रति अपनी रुचि एवं सहभागिता का पर्याप्त प्रमाण प्रस्तुत किया हो तथा निर्धारित सदस्यता शुल्क जमा किया हो।
सदस्यता प्रदान करने का अंतिम निर्णय संस्था की कार्यकारिणी समिति द्वारा लिया जाएगा। कार्यकारिणी समिति आवश्यकतानुसार किसी भी आवेदन को स्वीकार अथवा अस्वीकार करने के लिए स्वतंत्र होगी। यदि किसी आवेदन को अस्वीकार किया जाता है, तो संबंधित व्यक्ति को उसके कारणों से अवगत कराया जाएगा।
ड़ा. सुभ़ाष चंद्र शर्मा (अध्यक्ष)
श्री सतीश चंद तिवारी (उपाध्यक्ष)
श्री महेश चंद शर्मा (सचिव)
श्री कल्लू शर्मा (कोषाध्यक्ष)श्री चंद्रपाल शर्मा
श्री दिनेश चंद शर्मा
श्री रवींद्र कुमार शर्मा (समन्वय)
श्री प्रेमचंद शर्माश्री रामेश्वर दयाल शर्मा (अध्यक्ष, जयपुर इकाई)
श्री हजारीलाल शर्मा
श्री नरेंद्र हरदेनिया
श्री धर्मेन्द्र शर्मा
संस्थापक सदस्य:-
अन्य पदाधिकारी
